Hindi Poems Archive

Koshish Karne Walon Ki

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

Pushp Ki Abhilasha

चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को

Mujko Bhi Tarkeeb Shika Yaar Julahe

अकसर तुझको देखा है कि ताना बुनते जब कोइ तागा टुट गया या खत्म हुआ फिर

Din Kuch Aise Gujarta Hai Koi

दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई आईना देख के तसल्ली हुई

Agnipath – The Poem

Vruksh ho bade bhale, ho ghane ho bhale, Ek Patra chhah bhi mang mat, mang mat,