Hindi Poems Archive

फिर याद आता है हमको , वो बीता हुआ अपना बचपन

फिर याद आता है हमको , वो बीता हुआ अपना बचपन | वो सावन की बारिश

Phir yaad aata hai hamko , vo beeta hua apna bachpan

Phir yaad aata hai hamko , vo beeta hua apna bachpan Vo sawan ki barish mein

मंजिल तो इंतज़ार करती है राही का , बस राही हौसला तो दिखाए |

मंजिल तो इंतज़ार करती है राही का , बस राही हौसला तो दिखाए | दो-दो कदम

Sarfaroshi ki Tamanna…

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है (ऐ

जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद……

जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद। जीवन अस्थिर अनजाने ही, हो जाता