बड़ी उलझन में है दिल , आज ये सोच कर |


बड़ी उलझन में है दिल , आज ये सोच कर |
बिताए थे हंसी लम्हे जिनके संग , कैसे जाये उन्हें छोड़ कर ||

दस्तूर है ये शायद दुनिया का , कैसे समझाए हम उनको |
बात भी ये बड़ी गहरी , बतलाये भी तो कैसे उनको ||

हम तो बस रही है जो चलते है करवा के संग |
बस चुरा ली है कुछ यादे हमने अपने संग ||

ये तो है एक सिलसिला सा जो चलता रहा है सदीओ से |
बस दिल में ना हो मलाल , विनती है इतनी उनसे ||
(BY SPT)

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