इन नजरो से बयाँ होती है मोह्हबत यार की

इन नजरो से बयाँ होती है मोह्हबत यार की बस एक बार वो देखने की गुस्ताखी तो करे …..BY SPT

मासूमीअत तेरी आँखों की दिल को भा गयी

मासूमीअत तेरी आँखों की दिल को भा गयी मुस्कान तेरे लबो की दिल पे छा गयी चेहरे तो और भी हसीं थे महफ़िल में पर कातिल

Meri aankho ki chamak unki chehre se aati hai

Meri aankho ki chamak unki chehre se aati hai Tanha se mere dil ko jaise kuch keh jati hai Kar diya hai pagal uski har ada

Kahi chupi hogi meri chahat ki roshni tere dil mein

Kahi chupi hogi meri chahat ki roshni tere dil mein Bewajah koi dil bekarar nahi karta Sab samjhte hai yaha deewana mujko Par tujhse koi sawal

लोग कहते है अक्सर मोह्हबत में मंजिल नहीं मिलती

लोग कहते है अक्सर मोह्हबत में मंजिल नहीं मिलती | हम कहते है जनाब ,अगर आपकी कोई मंजिल हो तो , मोह्हबत मंजिल से ही होती

Dil mein chupi hai jo baat vo zuba pe lau to kaise

Dil mein chupi hai jo baat vo zuba pe lau to kaise Tarana mohhabat ka sunau to kaise Kar deta hu izhaar mohhabt ka aaj tumse